हिंदू शादी के बायोडाटा का फ़ॉर्मेट: हेडिंग, खाने और पूरा नमूना

गाइड

हिंदू शादी के बायोडाटा का फ़ॉर्मेट: हेडिंग, खाने और पूरा नमूना

ज़्यादातर हिंदू परिवारों के बड़े-बुज़ुर्ग उम्मीद करते हैं कि बायोडाटा एक खास ढंग से बना हो: सबसे ऊपर एक छोटी-सी मंगल पंक्ति, फिर व्यक्तिगत जानकारी, कुंडली, शिक्षा, परिवार और अपेक्षाएँ। अगर क्रम या हेडिंग गड़बड़ हो, तो सबसे पहले उनकी नज़र उसी पर जाती है। यहाँ हिंदू शादी के बायोडाटा का फ़ॉर्मेट हर खाने के साथ दिया गया है, क्षेत्रीय अंतरों और एक पूरे नमूने के साथ।

मुख्य बातें
  • एक मंगल पंक्ति से शुरू करें, जैसे ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ — वही जो आपका परिवार शादी के कार्ड पर लिखता है।
  • सामान्य क्रम रखें: व्यक्तिगत जानकारी, कुंडली, शिक्षा और करियर, परिवार, मेरे बारे में, अपेक्षाएँ, संपर्क।
  • जन्म का समय और स्थान, राशि, नक्षत्र, गोत्र और मांगलिक स्थिति तभी लिखें जब आपका परिवार कुंडली मिलान मानता हो।
  • हर इलाके का चलन अलग है: महाराष्ट्र में देवक और कुलदैवत, गुजरात में पैतृक गाँव, दक्षिण में स्टार और जातकम।

सबसे ऊपर की पंक्ति: कौन-सी लिखें

लगभग हर हिंदू बायोडाटा किसी देवता के नाम या किसी शुभ शब्द वाली पंक्ति से शुरू होता है, जो नाम के ऊपर बीच में लिखी जाती है। कौन-सी पंक्ति लिखें, इसका कोई नियम नहीं है। परिवार आमतौर पर वही पंक्ति चुनते हैं जो वे शादी के कार्ड पर या नई बही के पहले पन्ने पर लिखते हैं।

शीर्षक पंक्तिकैसे लिखा जाता हैआमतौर पर कौन लिखते हैं
श्री गणेशाय नमः॥ श्री गणेशाय नमः ॥उत्तर और पश्चिम भारत में सबसे ज़्यादा चलन में; किसी भी शुभ काम की शुरुआत में गणेश जी का स्मरण किया जाता है
श्री॥ श्री ॥कई मराठी, गुजराती और कन्नड़ परिवार; छोटी है और किसी भी देवता के साथ ठीक बैठती है
ॐॐवे परिवार जो कुछ सरल चाहते हैं, किसी एक देवता से जुड़ा नहीं
जय श्री कृष्ण॥ जय श्री कृष्ण ॥कई गुजराती और राजस्थानी परिवार, खासकर वैष्णव घर
ॐ नमः शिवाय॥ ॐ नमः शिवाय ॥वे परिवार जिनके कुलदेवता शिव हैं
कुलदेवता की पंक्ति॥ श्री कुलस्वामिनी प्रसन्न ॥महाराष्ट्र के परिवार अक्सर कुलदेवता या कुलस्वामिनी का नाम लिखते हैं
पिल्लैयार सुऴिஉतमिल परिवार, जो हर शुभ चीज़ के ऊपर यही एक चिह्न बनाते हैं
प्रजापतये नमःপ্রজাপতয়ে নমঃबंगाली परिवार, शादी के कार्ड की परंपरा के अनुसार

एक ही पंक्ति लिखें, एक के ऊपर एक तीन मंगल-वाक्य नहीं। अंग्रेज़ी बायोडाटा में भी आप यह पंक्ति देवनागरी या अपनी लिपि में रख सकते हैं; पढ़ने वाले इसे एक प्रतीक की तरह देखते हैं। एक छोटा चिह्न — गणेश, ॐ या कलश — इस पंक्ति की जगह भी आ सकता है या इसके ऊपर भी लग सकता है।

फ़ील्ड उसी क्रम में जिसकी परिवार उम्मीद करते हैं

हिस्साफ़ील्डउदाहरण
व्यक्तिगत जानकारीपूरा नाम, जन्मतिथि, कद, धर्म (और समुदाय, अगर आपका परिवार लिखता है), मातृभाषा, वैवाहिक स्थिति, खान-पान, शहरअंकित श्रीवास्तव · 11 नवंबर 1995 · 5′ 9″ · हिंदू · हिंदी · अविवाहित · शाकाहारी · बेंगलुरु
कुंडलीजन्म का समय और स्थान, राशि, नक्षत्र, गोत्र, मांगलिक स्थितिसुबह 5:50, प्रयागराज · वृश्चिक · अनुराधा · कश्यप · मांगलिक नहीं
शिक्षा और करियरसबसे ऊँची डिग्री और संस्थान, पद, कंपनी, शहर, आय की सीमाB.Tech, MNNIT Allahabad · सीनियर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, Bosch, बेंगलुरु · ₹22 – 26 लाख प्रति वर्ष
परिवारमाता-पिता और उनका काम, भाई-बहन, परिवार का प्रकार, मूल स्थानपिता UP PWD से रिटायर · एक बड़ी बहन, विवाहित · एकल परिवार · प्रयागराज
मेरे बारे में40–70 शब्द, अपने शब्दों मेंआप क्या करते हैं, आपको क्या पसंद है, आपके लिए क्या मायने रखता है
जीवनसाथी से अपेक्षाएँउम्र की सीमा, पढ़ाई, जगह, मूल्यों पर एक पंक्तिउम्र 25–29, ग्रेजुएट, बेंगलुरु में रहने में सहज
संपर्कमाता या पिता का नाम, नंबर और शहरपिता — 94XXXXXX52 (प्रयागराज)

जाति या उपजाति लिखना ज़रूरी नहीं है। कई हिंदू परिवार इसे धर्म के साथ लिखते हैं; कई नहीं लिखते। अगर आपका परिवार इसे नहीं देखता, तो इसे छोड़ दें, या अपेक्षाओं में “जाति का कोई बंधन नहीं” लिखें।

कुंडली वाला हिस्सा

जो परिवार कुंडली मिलान करते हैं, उनके लिए यही वह हिस्सा है जिसे ज्योतिषी पढ़ते हैं। बाकी सब कुछ जन्म की तारीख, समय और स्थान से निकाला जाता है, इसलिए ये बातें याद से नहीं, जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड से लें।

उदाहरण

जन्म का समय: सुबह 5:50 · स्थान: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश · राशि: वृश्चिक · नक्षत्र: अनुराधा (चरण 3) · गोत्र: कश्यप · मांगलिक: नहीं

यहाँ राशि का मतलब चंद्र राशि है, पत्रिकाओं के राशिफल वाली सूर्य राशि नहीं। मांगलिक स्थिति “मांगलिक”, “मांगलिक नहीं” या “आंशिक मांगलिक” लिखें — इसे कभी खाली न छोड़ें। गण और नाड़ी लिखना ज़रूरी नहीं है। अगर आपका परिवार कुंडली मिलान नहीं मानता, तो पूरा हिस्सा हटा दें और जन्मतिथि व्यक्तिगत जानकारी में रखें। कुंडली की जानकारी वाली गाइड में हर फ़ील्ड समझाई गई है।

गोत्र: कैसे लिखें

गोत्र पिता की ओर का वंश है, जो किसी ऋषि से जुड़ता है — कश्यप, भारद्वाज, वशिष्ठ, वत्स, गौतम और कई अन्य। कई हिंदू परिवार इसे देखते हैं क्योंकि वे एक ही गोत्र में शादी नहीं करते। इसे एक शब्द में लिखें: “गोत्र: भारद्वाज”।

  • बेटी के लिए, उसके पिता का गोत्र लिखें — जिस गोत्र में उसका जन्म हुआ।
  • माँ का गोत्र: उत्तर भारत के कुछ परिवार इससे भी बचते हैं, इसलिए वे दोनों लिखते हैं: “गोत्र: कश्यप (स्वयं), गर्ग (ननिहाल)”।
  • तेलुगु परिवार आमतौर पर गोत्रम को कुलनाम (इंटिपेरु) के साथ लिखते हैं।
  • अपना गोत्र पक्का नहीं पता? दादा-दादी या परिवार के पंडित जी से पूछें। अगर आपका परिवार इसे कभी इस्तेमाल नहीं करता, तो अंदाज़े से लिखने के बजाय यह पंक्ति छोड़ दें।

क्षेत्रीय अंतर

  • उत्तर भारत (UP, बिहार, MP, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा): हिंदी या अंग्रेज़ी; सबसे ऊपर ॥ श्री गणेशाय नमः ॥; गोत्र, अक्सर ननिहाल के गोत्र के साथ; मांगलिक स्थिति ध्यान से देखी जाती है; पैतृक गाँव या ज़िले का नाम आमतौर पर लिखा जाता है।
  • महाराष्ट्र: ॥ श्री ॥ या कुलस्वामिनी की पंक्ति; राशि, नक्षत्र, चरण, गण और नाड़ी; देवक (शादी की रस्मों में इस्तेमाल होने वाला पारिवारिक चिह्न) और कुलदैवत जैसे खंडोबा या तुळजाभवानी; मामा का नाम भी अक्सर लिखा जाता है। मराठी बायोडाटा फ़ॉर्मेट देखें।
  • गुजरात: जय श्री कृष्ण या गणेश जी की पंक्ति; तालुका के साथ पैतृक गाँव (वतन); समुदाय अक्सर लिखा जाता है; कुंडली की जानकारी हर परिवार में अलग होती है, पूरे हिस्से से लेकर सिर्फ़ राशि तक।
  • तमिलनाडु और केरल: तमिल बायोडाटा में पिल्लैयार सुऴि; स्टार (नट्चत्तिरम या नक्षत्रम), रासि और लग्नम मुख्य बातें हैं; दोषम हो तो लिखा जाता है; रासि और नवांश चार्ट वाला जातकम आमतौर पर अलग से भेजा जाता है। तमिल बायोडाटा फ़ॉर्मेट देखें।
  • कर्नाटक और आंध्र प्रदेश / तेलंगाना: गोत्र, पादम के साथ नक्षत्र, और राशि; कई परिवार कुलदेवता के नाम की एक पंक्ति भी जोड़ते हैं।
  • बंगाल: सबसे ऊपर प्रजापतये नमः; गोत्र, राशि और गण (देव, नर या राक्षस) आमतौर पर लिखे जाते हैं।

हिंदू शादी के बायोडाटा का नमूना

॥ श्री गणेशाय नमः ॥ बायोडाटा — अंकित श्रीवास्तव

व्यक्तिगत जानकारी

जन्म तिथि11 नवंबर 1995
ऊँचाई5′ 9″
धर्महिंदू
मातृभाषाहिंदी
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
खान-पानशाकाहारी
निवासबेंगलुरु

कुंडली

जन्म का समय और स्थानसुबह 5:50, प्रयागराज
राशिवृश्चिक (Scorpio)
नक्षत्रअनुराधा, चरण 3
गोत्रकश्यप
मांगलिकनहीं

शिक्षा और करियर

शिक्षाB.Tech (इलेक्ट्रॉनिक्स), MNNIT Allahabad
व्यवसायसीनियर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, Bosch, बेंगलुरु
आय₹22 – 26 लाख प्रति वर्ष

परिवार

पिताराकेश श्रीवास्तव — रिटायर्ड असिस्टेंट इंजीनियर, UP PWD
मातानिर्मला श्रीवास्तव — रिटायर्ड शिक्षिका, केंद्रीय विद्यालय
भाई-बहनएक बड़ी बहन, विवाहित, लखनऊ में डेंटिस्ट
परिवार का प्रकारएकल
पैतृक स्थानप्रयागराज, उत्तर प्रदेश

मेरे बारे में

मैं कारों के ब्रेकिंग सिस्टम के लिए सॉफ़्टवेयर बनाता हूँ और छह साल से बेंगलुरु में रह रहा हूँ। हफ़्ते में तीन दिन सुबह बैडमिंटन खेलता हूँ, सादा उत्तर भारतीय खाना बना लेता हूँ और दिवाली-होली पर घर प्रयागराज जाता हूँ। शुरुआत में थोड़ा कम बोलता हूँ, और ईमानदारी तथा दोनों परिवारों के सम्मान को महत्व देता हूँ।

जीवनसाथी से अपेक्षाएँ

उम्र 25–29, ग्रेजुएट या उससे ज़्यादा पढ़ी-लिखी, नौकरी करती हों या करने को तैयार हों। हिंदू; जाति का कोई बंधन नहीं। बेंगलुरु में रहने में सहज। दयालु, सीधी-सच्ची और अपने परिवार से जुड़ी हुई।

संपर्क

पिताराकेश श्रीवास्तव — 94XXXXXX52 (प्रयागराज)

सिर्फ़ नमूना — सभी नाम, तारीखें और नंबर काल्पनिक हैं।

चिह्न और डिज़ाइन

ऐसा एक चिह्न चुनें जो आपकी शीर्षक पंक्ति से मेल खाए: ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ के साथ गणेश जी की तस्वीर, या ॐ के साथ ओम का चिह्न। एक पन्ने पर दो अलग-अलग देवता भीड़-भाड़ जैसा लगता है। पारंपरिक मरून, केसरिया या सुनहरे बॉर्डर ज़्यादातर परिवारों को जँचते हैं; मुख्य लिखावट सादे काले रंग में रखें ताकि फ़ोन पर आसानी से पढ़ी जा सके। उदाहरण के लिए, Marriage Biodata Maker में गणेश (कई शैलियों में), श्री, ॐ, स्वस्तिक, कलश और शिवलिंग के चिह्न हैं, और यह बायोडाटा को हिंदी, मराठी, गुजराती, तमिल और नौ अन्य भाषाओं में बना सकता है।

हिंदू बायोडाटा में होने वाली आम गलतियाँ

  • जन्म का समय याद से लिखना — कुंडली के लिए “सुबह 6 बजे के आसपास” काफ़ी नहीं है
  • सूर्य राशि (Leo, Virgo) को राशि के रूप में लिखना
  • माँ का गोत्र उम्मीदवार के अपने गोत्र के रूप में लिखना
  • “मांगलिक:” खाली छोड़ देना, जिसे परिवार “मांगलिक है, पर बता नहीं रहे” समझते हैं
  • “रंग: गोरा” वाली पंक्ति — रंग का ज़िक्र बिल्कुल न करें
  • तीन मंगल-वाक्य और हर कोने में भगवान की क्लिप-आर्ट तस्वीरें

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अंतिम अपडेट 22 सितंबर 2026 · Biodata for Marriage टीम

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हिंदू शादी के बायोडाटा में सबसे ऊपर क्या लिखा जाता है?
आमतौर पर एक मंगल-वाक्य, जैसे ॥ श्री गणेशाय नमः ॥, ॥ श्री ॥ या ॐ। वही लिखें जो आपका परिवार शादी के कार्ड पर लिखता है।
हिंदू बायोडाटा फ़ॉर्मेट का सही क्रम क्या है?
व्यक्तिगत जानकारी, कुंडली, शिक्षा और करियर, परिवार, मेरे बारे में, जीवनसाथी से अपेक्षाएँ और संपर्क।
क्या हिंदू शादी के बायोडाटा में गोत्र लिखना ज़रूरी है?
तभी, जब आपका परिवार इसे देखता हो। कई हिंदू परिवार एक ही गोत्र में शादी नहीं करते, इसलिए इसे लिखते हैं; अगर आपका परिवार ऐसा नहीं करता, तो इसे छोड़ दें।
लड़की को अपने बायोडाटा में कौन-सा गोत्र लिखना चाहिए?
अपने पिता का गोत्र, जिसमें उसका जन्म हुआ। कुछ परिवार कोष्ठक में माँ का गोत्र भी जोड़ते हैं।
क्या कुंडली की जानकारी के बिना हिंदू बायोडाटा बनाया जा सकता है?
हाँ। अगर आपका परिवार कुंडली मिलान नहीं मानता, तो वह हिस्सा हटा दें और जन्मतिथि व्यक्तिगत जानकारी में रखें।

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